== रील–ब्लॉग से उपजे विवादों पर सख्ती, शीतकालीन यात्रा को मिल रहा बढ़ावा
ऋषिकेश। धार्मिक स्थलों पर रील और ब्लॉग बनाने के दौरान बढ़ते विवादों को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बदरीनाथ धाम में अब सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में हुई बैठक में लिया गया।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने चमोली जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के मोबाइल जमा कराने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित पौड़ी, टिहरी, चमोली, हरिद्वार, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
इधर शीतकालीन यात्रा के तहत चारधामों के प्रवास स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 27 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ में सर्वाधिक 17 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। वहीं बदरीनाथ धाम की शीतकालीन पूजा स्थलों पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर जोशीमठ में 6400 श्रद्धालु पहुंचे हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार गंगोत्री के प्रवास स्थल मुखवा में 3300 और यमुनोत्री के शीतकालीन स्थल खरसाली में 1017 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। प्रदेश सरकार बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रही है, ताकि श्रद्धालु चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर भी दर्शन का लाभ उठा सकें।