रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत तहसील के ऐना गांव में सोमवार दोपहर जंगल में गाय लेने गई एक किशोरी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। साथियों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ऐना गांव निवासी दीवान सिंह की पुत्री बबीता बोरा ग्रामीणों के साथ जंगल गई थी। इसी दौरान वह अकेले गाय लेने आगे बढ़ी, तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। किशोरी की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
गंभीर रूप से घायल बबीता को तत्काल उप जिला चिकित्सालय रानीखेत ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सिर, गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटों के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में वन्यजीवों के बढ़ते आतंक को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है तथा आए दिन मवेशियों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
उधर, उप जिला चिकित्सालय में न्यूरोलॉजिस्ट समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण घायल किशोरी को रेफर करना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन विभाग का बयान: वन क्षेत्राधिकारी मनोज लोहनी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेज दिया गया है। टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर तेंदुए की गतिविधियों का आकलन करेगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने समेत जरूरी कदम उठाए जाएंगे।