अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ पांडिचेरी के बीच अनुसंधान, वैज्ञानिक अध्ययन और अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समझौता (एमओयू) किया गया। जंतु विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और फ्रेंच इंस्टीट्यूट के डॉ. जूलियन मलार्ड-एडम ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान अनुसंधान, क्षेत्र आधारित वैज्ञानिक अध्ययन, छात्र संपर्क और ज्ञान के आदान-प्रदान में मिलकर कार्य करेंगे। इसके साथ ही भविष्य में संयुक्त अकादमिक कार्यक्रम और शोध गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है। इस साझेदारी से विज्ञान और अकादमिक शोध के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
डॉ. जूलियन मलार्ड-एडम ने निकट भविष्य में स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधार्थियों के लिए कार्यशाला आयोजित करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इससे जैविक कीट प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक पूर्वानुमान और वनस्पतियों एवं जीवों के संरक्षण संबंधी शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में डीन अकादमिक प्रो. ए.के. यादव, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आर.सी. मौर्य, डॉ. ललित चंद्र जोशी और डॉ. अरुण कलखुंडिया सहित कई संकाय सदस्य मौजूद रहे।