देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहें, बल्कि अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की योजनाएं ऐसी हों जो भविष्य में भी प्रभावी रहें और अन्य राज्यों के लिए “बेस्ट प्रैक्टिस” बनें।
मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना चाहिए, ताकि उन्हें आवेदन और अन्य औपचारिकताओं के लिए परेशान न होना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए बन रहे डोईवाला (देहरादून), पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) स्थित बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का निर्माण अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से जून 2026 की पेंशन राशि जारी करते हुए 9,80,950 लाभार्थियों के बैंक खातों में करीब ₹145.42 करोड़ सीधे हस्तांतरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत और स्थायी व्यवस्था तैयार करना है, जो आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को भी पूरा कर सके। उन्होंने योजनाओं के बेहतर समन्वय, प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के उचित उपयोग पर भी विशेष जोर दिया।