

रानीखेत। उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में मुख्यमंत्री घोषणा के करीब चार वर्ष बाद बुधवार को नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) वार्ड का शुभारंभ कर दिया गया। वार्ड का उद्घाटन रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा डॉ. अरविंद पंगती और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। लंबे समय से क्षेत्र में नवजात शिशुओं के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब एनआईसीयू वार्ड शुरू होने से गंभीर नवजातों को उपचार के लिए हल्द्वानी या अन्य बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद पंगती ने बताया कि आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यह वार्ड नवजात शिशुओं को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान करेगा। वहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. वर्मा ने कहा कि वार्ड में नवजातों की निगरानी और उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
गौरतलब है कि उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं होने के बावजूद लंबे समय से एनआईसीयू वार्ड शुरू नहीं हो पा रहा था, जिससे क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी थी। अब वार्ड के संचालन से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एनआईसीयू वार्ड खुलने से गंभीर रूप से बीमार नवजातों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिल सकेगा। साथ ही समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले बच्चों की बेहतर निगरानी संभव हो पाएगी।
कार्यक्रम में ललित महरा, ध्यान सिंह नेगी, मोहन नेगी, दीप भगत, चंद्रशेखर, दर्शन महरा, अजय चौहान और गिरीश भगत सहित कई लोग मौजूद रहे।