मोहान वन क्षेत्र के डबरा सौराल, तड़म और काठ की नाव क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने बाघ रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। टीमें लगातार क्षेत्र में कैंप कर गश्त और निगरानी कर रही हैं। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 7 पिंजरे, 2 ड्रोन, 2 लाइव कैमरा और 33 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।
वन विभाग की टीमों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में बाघ के पगमार्ग व अन्य गतिविधियों की पहचान की जा रही है। रास्तों और पथमार्गों में झाड़ियों की कटाई भी कराई जा रही है। ग्रामीणों को लाउडस्पीकर, पोस्टर और जागरूकता गोष्ठियों के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है। वन विभाग की निगरानी में स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाया गया।
रेस्क्यू अभियान में डॉक्टर टीम के साथ कॉर्बेट की विशेषज्ञ टीम भी सहयोग कर रही है। रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व तथा अल्मोड़ा वन प्रभाग की रानीखेत, जौरासी, द्वाराहाट और अल्मोड़ा रेंज की टीमें संयुक्त रूप से क्षेत्र में कैंप कर बाघ की तलाश और निगरानी में जुटी हैं।