

अल्मोड़ा/रानीखेत। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार तड़के रानीखेत-चौबटिया मार्ग पर एक भीषण दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया, जब एक अनियंत्रित वैगनआर कार करीब 20 मीटर नीचे एक मकान की छत पर जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा सुबह करीब 3:15 बजे ग्राम देहोली (पोस्ट चौबटिया) में हुआ। उस समय पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी जोरदार धमाके की आवाज ने ग्रामीणों को हिला कर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रानीखेत-चौबटिया मार्ग पर चल रही कार संख्या UK02-TA-3159 अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क से नीचे जा गिरी, सीधे श्री लाल सिंह के मकान की छत पर।
हादसे के वक्त कार में केवल चालक भुवन प्रसाद (32 वर्ष), पुत्र गोपाल राम सवार था, जो ग्राम मटेला, काफलीगैर (जिला बागेश्वर) का निवासी था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह कार से उछलकर पत्थर की छत पर जा गिरा। सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्राकृतिक आपदा समझ सहम गया परिवार
जिस घर की छत पर कार गिरी, उस समय परिवार के सदस्य अंदर सो रहे थे। तेज धमाके और खराब मौसम के कारण उन्हें लगा कि कोई पहाड़ टूट गया है या प्राकृतिक आपदा आई है। जब वे बाहर निकले तो अपनी ही छत पर पलटी कार देखकर स्तब्ध रह गए। हादसे में मकान को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

बारात छोड़ लौट रहा था चालक
जानकारी के अनुसार, मृतक भुवन प्रसाद पेशे से टैक्सी चालक था। वह मंगलवार को बागेश्वर से बारात लेकर ताड़ीखेत ब्लॉक के शिवाली गांव आया था। बुधवार तड़के वापस लौटते समय देहोली के पास एक तीखे मोड़ पर उसका वाहन अनियंत्रित हो गया और यह हादसा हो गया।
सूचना मिलते ही चौबटिया चौकी प्रभारी राजकुमार और एसआई फिरोज खान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए रानीखेत के गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय भेज दिया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे मौके के लिए रवाना हो चुके हैं।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की खतरनाक हकीकत को उजागर कर दिया है।