ग्रामीणों पर बरसाई थीं गोलियां, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दबोचा
ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बिहार के शातिर शूटरों का आखिरकार पुलिस ने खेल खत्म कर दिया। रविवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई रोमांचक मुठभेड़ में दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले एक आरोपी को ग्रामीणों ने मौके पर ही पकड़ लिया था।
घटना की पूरी कहानी
1. सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से शुरू हुआ विवाद
- 4 जून को भट्टोवाला प्लांटेशन के पास वसीम, अनवर और आमिर सड़क किनारे शराब पी रहे थे।
- स्थानीय निवासी संजय राणा ने उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से रोका।
- इस बात पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर वहां से चले गए।
2. एक घंटे बाद लौटे और चला दी गोलियां
- धमकी देने के करीब एक घंटे बाद तीनों आरोपी अवैध हथियारों के साथ वापस लौटे।
- मुख्य आरोपी वसीम ने ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
- गोली लगने से मनीष व्यास और जसपाल रावत घायल हो गए।
- ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वसीम को मौके पर पकड़ लिया, लेकिन अनवर और आमिर फरार हो गए।
3. पुलिस को देखकर भागे, बैरियर तोड़ा
- फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस और एसओजी लगातार छापेमारी कर रही थी।
- रविवार रात नटराज चौक पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर की बाइक पर दो संदिग्ध दिखाई दिए।
- पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने बैरियर तोड़कर भागने की कोशिश की।
4. खांड गांव में हुई जबरदस्त मुठभेड़
- पुलिस ने पीछा करते हुए खांड गांव के पास दोनों आरोपियों को घेर लिया।
- खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
- एक गोली पुलिस वाहन के शीशे को चीरती हुई निकल गई।
- जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी।
- घायल होने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
5. बिहार के पेशेवर अपराधी निकले आरोपी
- पूछताछ में पता चला कि अनवर और आमिर बिहार के रहने वाले हैं।
- दोनों ढालवाला क्षेत्र में मजदूरी और कबाड़ के काम की आड़ में रह रहे थे।
- अनवर के खिलाफ बिहार के सीतामढ़ी में हत्या और लूट के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
- एक अवैध पिस्टल
- एक तमंचा
- बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस
- वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की बाइक
अब आगे क्या?
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। अब जांच एजेंसियां इनके हथियार सप्लाई नेटवर्क और आपराधिक कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।
