अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के तड़म गांव में वन्यजीव के हमले ने एक बार फिर दहशत फैला दी है। रविवार शाम 50 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा की एक खूंखार जंगली जानवर के हमले में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
यह इलाका कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे मोहान रेंज में आता है, जहां बाघ और तेंदुए दोनों की मौजूदगी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों ने उनकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया है।
घात लगाकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, महिपाल सिंह अपनी पत्नी के साथ जंगल से घास लेकर लौट रहे थे। तभी घात लगाए बैठे वन्यजीव ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती आशंका बाघ के हमले की जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
एक महीने में दूसरी मौत
गौरतलब है कि 31 मार्च को भी इसी गांव में 60 वर्षीय खीम सिंह को जंगली जानवर ने मार डाला था। वहीं पिछले दिसंबर में करीब 20 किलोमीटर दूर खोल्यो क्यारी गांव में एक बाघिन के हमले में बुजुर्ग महिला की जान गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को दहशत के साए में डाल दिया है।
वन विभाग पर उठे सवाल
घटनाओं के बाद वन विभाग ने इलाके में पिंजरे लगाए थे और 18 अप्रैल को एक तेंदुए को पकड़ा भी गया, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि वही हमलों का जिम्मेदार था या नहीं। इस अनिश्चितता ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण ने बताया कि घटना की जांच के लिए टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान किया गया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि हमलावर वन्यजीव की पहचान के प्रयास जारी हैं।
ग्रामीणों में गुस्सा, सुरक्षा की मांग तेज
लगातार बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वे खेतों और जंगलों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, खतरनाक वन्यजीव को पकड़ने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना खतरे की घंटी
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाएं साफ संकेत दे रही हैं कि इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वन्य जीव के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। सभी टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया है। मैं भी मौके पर पहुंचने वाला हूं। वन्यजीव के हमले में 10 लाख के मुआवजे का प्रावधान है। – गंगाशरण, वन क्षेत्राधिकारी मोहान