
कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी ने अल्मोड़ा के व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। हालात ऐसे हैं कि सिलेंडर के दाम 3000 रुपये के पार पहुंच गए हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है।
व्यापार मंडल ने इस “बेतहाशा वृद्धि” को सीधे तौर पर व्यापार विरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों का कहना है कि एक ही झटके में लगभग ₹993 तक की बढ़ोतरी ने उनके कारोबार को संकट में डाल दिया है। उनका आरोप है कि सरकार की इस नीति से छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जबकि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे व्यवसाय अब बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
शहर में कई जगहों पर व्यापारियों और स्थानीय संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कीमतें वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में इस भारी इजाफे का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। होटल और रेस्टोरेंट संचालक मजबूरन खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे महंगाई का बोझ और बढ़ेगा।
उत्तराखंड के अन्य शहरों—जैसे हल्द्वानी और रुद्रपुर—में भी इसी तरह का विरोध देखने को मिल रहा है। व्यापार मंडलों ने एक सुर में मांग की है कि सरकार तुरंत इस बढ़ोतरी को वापस ले, वरना राज्यभर में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।पुतला दहन कार्यक्रम में भारी संख्या में व्यापारी समुदाय के लोग शामिल हुए। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष शहजाद कश्मीरी, जिला संरक्षक संजीव गुप्ता, जिला मंत्री अमित साह, जिला उपाध्यक्ष पवन साह और जिला मंत्री आशु गोस्वामी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। साथ ही नगर महामंत्री वकुल साह, सहसचिव अश्विन नेगी, रेस्टोरेंट व्यवसाई रोहित जोशी, हिमांशु जोशी, तरुण जोशी, कार्तिक साह, सार्थक साह, विजय साह, प्रकाश रावत, प्रतशे पांडे, मोहन जोशी, मोहन बिष्ट, देव सिंह, दिनेश पांडे, मोहम्मद बिलाल, अजीम अंसारी, अमन, रजत कुमार, कृष्णा वर्मा, राजेश साह, गिरजा अग्रवाल और जब्बार सहित दर्जनों व्यापारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया।