रानीखेत/मोहान। मोहान वन क्षेत्र के डबरा सौराल, तड़म और काठ की नाव क्षेत्रों में बाघ को रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। एसडीओ वन विभाग काकुल पुंडीर के अनुसार, टीमें लगातार क्षेत्र में कैंप कर गश्त और निगरानी के साथ बाघ की गतिविधियों को ट्रैक कर रही हैं।
बाघ को पकड़ने के लिए 9 पिंजरे, 33 कैमरा ट्रैप, 2 लाइव कैमरे और 2 ड्रोन लगाए गए हैं। टीमों द्वारा पिंजरों व कैमरों समेत अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जा रही है। रेस्क्यू अभियान में कॉर्बेट की विशेषज्ञ टीम और डॉक्टरों की टीम भी सहयोग कर रही है।
वन विभाग ने संवेदनशील गांवों के रास्तों पर झाड़ी कटान शुरू करने के साथ ही पोस्टर, लाउडस्पीकर और जनजागरूकता गोष्ठियों के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क किया है। नगचूला खाल में भी जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान में रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व तथा अल्मोड़ा वन प्रभाग की रानीखेत, जौरासी, द्वाराहाट और अल्मोड़ा रेंज की टीमें लगातार क्षेत्र में कैंप कर सहयोग दे रही हैं। वन विभाग बाघ की गतिविधियों और पगमार्गों की पहचान कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने में जुटा है।