
अल्मोड़ा हवालबाग विकासखंड के सेक्टर सेकेंड स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में बुधवार को पहुंची पूरक पोषण आहार की सप्लाई में बड़ी लापरवाही उजागर हुई। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के लिए भेजे गए अंडों में सड़ांध और कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए पूरी अंडा सप्लाई वापस लौटा दी।
जानकारी के अनुसार रुद्रपुर से हवालबाग सेक्टर सेकेंड के 46 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अंडे, खजूर और केला चिप्स भेजे गए थे। यह सामग्री सिकुड़ा आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचाई गई, जहां विभिन्न केंद्रों की कार्यकर्ता पोषण आहार लेने पहुंची थीं।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि जैसे ही अंडों की ट्रे खोली गई, वहां तेज सड़ी हुई बदबू फैल गई। कई अंडों में बड़े-बड़े कीड़े रेंगते दिखाई दिए। दुर्गंध इतनी अधिक थी कि कमरे में खड़ा होना तक मुश्किल हो गया। यह दृश्य देखते ही कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर ही विरोध शुरू कर दिया।
कुछ कार्यकर्ताओं ने शुरुआत में अपने हिस्से की ट्रे रख ली थीं, लेकिन खराब अंडों की जानकारी मिलते ही सभी ने सप्लाई वापस कर दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि यह अंडे बच्चों और गर्भवतियों को वितरित कर दिए जाते तो उनकी सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
हालांकि सप्लाई में आए खजूर और केला चिप्स सही पाए गए, जिन्हें केंद्रों के लिए रख लिया गया। घटना के बाद पोषण आहार की गुणवत्ता और सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी पितांबर प्रसाद से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।
बाल विकास परियोजना अधिकारी विनीता सक्सेना ने बताया, “ट्रे में कुछ अंडे सड़े पाए गए थे। एहतियात के तौर पर पूरी सप्लाई रोक दी गई है। संबंधित फर्म से मामले की शिकायत कर दी गई है।”