अल्मोड़ा से 39 डॉक्टरों के तबादले पर बवाल, कांग्रेस का हल्ला बोल; स्वास्थ्य व्यवस्था ठप होने की जताई आशंका

अल्मोड़ा। उत्तराखंड सरकार द्वारा अल्मोड़ा जनपद से एक साथ 39 चिकित्सकों के किए गए तबादलों को लेकर विरोध तेज हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी और नगर कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा ने इस फैसले को जनविरोधी करार देते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से ज्ञापन भेजकर इन तबादलों को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा कि अल्मोड़ा पूरे कुमाऊँ मंडल का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां के बेस चिकित्सालय और जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अन्य सीमांत क्षेत्रों के मरीज भी बेहतर उपचार के लिए अल्मोड़ा पर निर्भर रहते हैं।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के एक साथ 39 डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर संकट में पड़ जाएंगी। उनका कहना है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के एक साथ हटने से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा और गरीब लोगों के लिए समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाएगा।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई चिकित्सकों के तबादले प्रदेश की तबादला नीति और शासनादेशों के मानकों की अनदेखी करते हुए किए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि कई डॉक्टरों की पारिवारिक परिस्थितियों को भी नजरअंदाज किया गया, जिससे उनके सामने प्रशासनिक और मानसिक समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

कांग्रेस ने राज्यपाल से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि जनहित और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए इन सभी तबादलों की पुनः समीक्षा की जाए तथा अल्मोड़ा से किए गए 39 चिकित्सकों के स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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