407 आपराधिक मामले लंबित, सड़क हादसों की मजिस्ट्रियल जांच और खाद्य सुरक्षा मामलों में तेजी लाने के निर्देश
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्टाफ बैठक में लंबित न्यायिक मामलों, कर संग्रहण और विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करें और राजस्व वसूली में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करें।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जून माह के अंत तक भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) से जुड़े 407 मामले लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इन मामलों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एनडीपीएस और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की भी समीक्षा कर कार्रवाई तेज करने को कहा।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित लंबित मजिस्ट्रियल जांचों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी जांचों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए डीएम ने खाद्य प्रतिष्ठानों का अधिक से अधिक निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा राजस्व, पुलिस, आबकारी, जीएसटी सहित विभिन्न विभागों के न्यायिक वादों और कर संग्रहण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, डीएफओ प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत दीक्षिता जोशी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।