अल्मोड़ा। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि न्याय के देवता भगवान गोलू देव और श्री हरज्यू देव की लोक परंपराएं उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कैबिनेट मंत्री रविवार को ग्राम सभा गल्ली बस्यूरा स्थित श्री गोलू देव एवं श्री हरज्यू देव मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय बैसी (जागर) धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुईं। इसके बाद उन्होंने ग्राम कुंवाली कोरेधार स्थित गोलज्यू देवता मंदिर में आयोजित 22 दिवसीय बैसी कार्यक्रम में भी पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए रेखा आर्या ने कहा कि जागर जैसे धार्मिक अनुष्ठान केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि समाज को सत्य, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर है, जिसे सहेजकर रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लोक परंपराएं सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत बनाती हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैबिनेट मंत्री ने आयोजन समिति, ग्रामवासियों और क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भगवान गोलू देव से प्रदेशवासियों के सुख, शांति और निरंतर विकास की कामना की।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।