अल्मोड़ा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अल्मोड़ा में निःशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ किया गया। यह केन्द्र उम्मीद फाउंडेशन “होप फॉर ह्यूमन” द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
उद्घाटन समारोह में दर्जा राज्यमंत्री गंगा बिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही।
इस अवसर पर पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण केन्द्र महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक मजबूती को समाज के समग्र विकास के लिए जरूरी बताया।
दर्जा राज्यमंत्री एवं राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष गंगा बिष्ट ने कहा कि सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल महिलाओं को घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने उम्मीद फाउंडेशन के प्रयास की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली पहल बताया।
उम्मीद फाउंडेशन के प्रतिनिधि नरेंद्र मेहरा ने बताया कि संस्था लंबे समय से समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगी। उन्होंने भविष्य में ऐसे और प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की योजना की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में उपस्थित राजेंद्र सिंह रौतेला ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो पूरा समाज मजबूत होता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से ऐसे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर बीना नयाल, रमेश जोशी, हयात सिंह बिष्ट, देवेन्द्र कर्नाटक, ललित बिष्ट, अभिषेक तिवारी, दिनेश कुमार, प्रकाश मेहता, ममता बिष्ट, किरण बिष्ट, पूजा बगड़वाल, पिंकी बिष्ट एवं हीरा कनवाल सहित कई लोग उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण केन्द्र में महिलाओं को सिलाई एवं कढ़ाई के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाएं स्वरोजगार शुरू करने के साथ विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकेंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने उम्मीद फाउंडेशन की टीम को शुभकामनाएं देते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

