
देहरादून। देहरादून के इंद्रानगर क्षेत्र में जनगणना कार्य के दौरान एक सहायक अध्यापिका पर रॉटविलर नस्ल के कुत्ते के हमले से इलाके में हड़कंप मच गया। प्राथमिक विद्यालय पंडितवाड़ी में कार्यरत सहायक अध्यापिका आशा भंडारी रविवार शाम जनगणना के सिलसिले में मलिक चौक स्थित एक घर पर पहुंची थीं, तभी घर के भीतर खुले घूम रहे रॉटविलर ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में शिक्षिका घायल हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर के बाहर “कुत्ते से सावधान” जैसी कोई चेतावनी नहीं लिखी गई थी। जनगणना कार्य समय पर पूरा करने के दबाव में शिक्षिका ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। इंतजार के बाद जैसे ही उन्होंने मुख्य गेट खोला, आंगन में स्वतंत्र घूम रहा रॉटविलर उन पर झपट पड़ा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने किसी तरह शिक्षिका को कुत्ते के चंगुल से बचाया। घायल अवस्था में उन्हें उपचार दिलाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।
नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, मालिक पर 25 हजार का जुर्माना
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने सोमवार को कुत्ते के मालिक अजय नेगी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में सामने आया कि कुत्ते के पंजीकरण का कई वर्षों से नवीनीकरण नहीं कराया गया था। साथ ही मालिक वैक्सीनेशन का वैध प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर सका।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कुत्ते का पंजीकरण वर्ष 2021 में कराया गया था, जिसकी वैधता केवल एक वर्ष थी। वैक्सीनेशन संबंधी दावे की भी पुष्टि नहीं हो सकी। इसके चलते निगम की टीम ने नई नियमावली के तहत चालान काटते हुए मालिक से शपथपत्र भी लिया है।
दोबारा लापरवाही पर होगी एफआईआर
नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने कहा कि कुत्ते के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया गया था और घर के बाहर चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। इसलिए 25 हजार रुपये का चालान किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में खतरनाक नस्ल के कुत्तों की निगरानी, पंजीकरण और सुरक्षा नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।