रानीखेत। दिल्ली में छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार को एनएसयूआई रानीखेत के बैनर तले गांधी चौक में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार संवाद के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है। एनएसयूआई ने छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि “शिक्षा अधिकार है, एहसान नहीं” और छात्र हितों व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास जारी रहा तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान “तानाशाही नहीं चलेगी”, “छात्र एकता ज़िंदाबाद”, “लोकतंत्र बचाओ, शिक्षा बचाओ” और “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए गए।