
समाजसेवी सतीश चंद्र पांडे द्वारा भारतीय सेना के अदम्य साहस, बलिदान और आपदाओं में निभाई गई भूमिका पर लिखी गई कविता “हे सेना तुझे सलाम” को व्यापक सराहना मिल रही है।
सतीश पांडे ने हाल ही में सेना मुख्यालय पहुंचकर अपनी कविता की प्रति ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव को भेंट की। इस अवसर पर ब्रिगेडियर यादव ने कविता की भावनात्मक गहराई और सशक्त शब्दों की प्रशंसा करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस कविता को सेना की पत्रिका में प्रकाशित कराने का प्रयास किया जाएगा।
कविता में कारगिल युद्ध में सैनिकों के बलिदान, सीमाओं पर उनके अदम्य साहस और आपदाओं के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की रक्षा करने जैसे जज्बे का मार्मिक चित्रण किया गया है। साथ ही सैनिकों के त्याग, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को भावपूर्ण शब्दों में पिरोते हुए उन्हें नमन किया गया है।
इस पहल को क्षेत्र में खासा सराहा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे भारतीय सेना के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक प्रेरणादायक प्रयास बताते हुए सतीश पांडे की सराहना की है।