
राज्य के विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से किया जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह व्यवस्था वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से लागू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि छात्रों को समय पर परीक्षा परिणाम मिल सकें। अब सभी प्रकार की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं इसी प्रणाली के तहत जांची जाएंगी।
शिक्षा मंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से मूल्यांकन प्रक्रिया में गति आएगी और मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं के भौतिक परिवहन और सुरक्षित संरक्षण जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी, जिससे खर्चों में कमी आएगी।
शासन स्तर से सभी राज्य विश्वविद्यालयों को इस नई प्रणाली को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है। ऐसे में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के बीच समन्वय प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी।
नई व्यवस्था में शिक्षकों की भागीदारी भी आसान होगी और उन्हें मूल्यांकन कार्य में अधिक सुविधा मिलेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार साबित होगा।