रानीखेत। छावनी परिषद कर्मचारी संघ रानीखेत के बैनर तले कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को कर्मचारियों ने मुख्य अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मार्च और अप्रैल माह का वेतन न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों से वेतन लंबित होने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि वेतन न मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, मकान का किराया और बैंक ऋण की किस्तें जमा करना तक भारी पड़ रहा है। रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करना भी चुनौती बन गया है।
कर्मचारियों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार मांग के बावजूद वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 10 दिनों के भीतर उनका बकाया वेतन जारी नहीं किया गया, तो वे कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रबंधन की होगी। वहां प्रशासनिक अधिकारी रमा नेगी, कंप्यूटर प्रोग्रामर अकील अहमद, अजय कुमार, संघ के अध्यक्ष सावन कुमार, सचिव नितिन ढौंडियाल, कृपाल महरा, जगदीश, रवि कुमार, विजय भंडारी आदि मौजूद थे।
