अल्मोड़ा। जागेश्वर विधानसभा की राजनीति में रविवार को अगस्त क्रांति दिवस पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे और पूर्व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता व दर्जा मंत्री दिनेश कुंजवाल ने करीब साढ़े तीन दशक पुराना कांग्रेस से रिश्ता तोड़कर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की सदस्यता ग्रहण कर ली। जैंती स्थित खादी ग्रामोद्योग परिसर में आयोजित जनशक्ति महासम्मेलन में उक्रांद के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने यह घोषणा की।
दिनेश कुंजवाल के संयोजन में आयोजित सम्मेलन में सैकड़ों लोग जुटे। दिनेश कुंजवाल ने दावा किया कि उनके समर्थन में करीब 250 लोगों ने उक्रांद की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन, अधिकार और क्षेत्रीय सरोकारों की लगातार अनदेखी से उन्हें नए राजनीतिक संघर्ष की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने उत्तराखंड के स्वाभिमान, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष का संकल्प लेते हुए क्षेत्र की मातृशक्ति और युवा शक्ति से सहयोग मांगा। हालांकि, अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल पर कोई खास टिप्पणी नहीं की।
2027 में उक्रांद सरकार का दावा
उक्रांद के संस्थापक सदस्य काशी सिंह ऐरी ने कहा कि इस बार प्रदेश में उक्रांद की लहर है और वर्ष 2027 में पार्टी की सरकार बनेगी। प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पहाड़ की जनता बदलाव के लिए तैयार है और कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। वक्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस पर उत्तराखंड के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए राज्य की मूल परिकल्पना को साकार करने के लिए उक्रांद को मजबूत करने की अपील की।
कांग्रेस के गढ़ में लहराया उक्रांद का झंडा
जैंती का खादी परिसर लंबे समय से कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। रविवार को यहां बड़ी संख्या में उक्रांद के झंडे लहराते नजर आए, जिससे जागेश्वर की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई। कार्यक्रम में काशी सिंह ऐरी, डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, चंद्रशेखर कापड़ी, पुष्पेश त्रिपाठी, सुरेंद्र कुकरेती, पंकज व्यास, कुंदन बिष्ट, गिरीश नाथ गोस्वामी, बहादुर सिंह रावत समेत उक्रांद के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।