अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने वाले तीन सहायक अध्यापकों को निलंबित कर दिया गया है।
जिला शिक्षा विभाग को शिकायत मिलने के बाद टीईटी प्रमाणपत्रों का रामनगर स्थित परीक्षा बोर्ड से सत्यापन कराया गया। जांच में पांच प्रमाणपत्रों में से तीन फर्जी पाए गए। इसके बाद अंजना ग्वासीकोटी, प्रियांशु चंद्र और भूपेंद्र कुमार के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई।
हैरानी की बात यह रही कि वर्ष 2024 के इन प्रमाणपत्रों पर QR कोड भी मौजूद था और स्कैन करने पर विवरण भी दिखाई दे रहा था, लेकिन बोर्ड की गहन जांच में वे पूरी तरह फर्जी निकले।
जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) डॉ. रवि मेहता ने बताया कि तीनों शिक्षकों को आरोप पत्र जारी कर दिया गया है और नियमानुसार विभागीय कार्रवाई जारी है। मामले के बाद नियुक्तियों में दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया और सख्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।