
रविवार दोपहर जिले में आए तेज अंधड़, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। अचानक बदले मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि जगह-जगह विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिले के कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। नगर के निकट पपरसली क्षेत्र में मुख्य मोटरमार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और वुडन कटर की मदद से पेड़ को हटाकर यातायात बहाल कराया।
इसी तरह कसारदेवी क्षेत्र में भी मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा, जिसे फायर यूनिट ने तत्परता दिखाते हुए हटाया। थाना दन्या क्षेत्र के आरतोला-जागेश्वर, दन्या और आरासल्पड़ मार्गों पर भी कई पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए। पुलिस टीम ने जेसीबी और कटिंग मशीन की सहायता से रास्तों को साफ कराया।
ग्राम धूरा संगरौली में एक बड़ा पेड़ पूरन चंद पांडे के मकान पर गिर गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पेड़ की कटाई कर मकान को सुरक्षित किया। इस घटना में मामूली नुकसान हुआ, जबकि कोई जनहानि नहीं हुई।
शीतलाखेत और कठपुड़िया क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। कठपुड़िया के पास सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जिसे रानीखेत अग्निशमन केंद्र की टीम ने मौके पर पहुंचकर हटाया।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार आंधी और बारिश का दौर जारी है, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यह अंधड़ लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन मौसम का मिजाज अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।