मौलेखाल (अल्मोड़ा) क्षेत्र के मरचूला में स्थित श्मशान घाट पर शादी के जयमाला कार्यक्रम आयोजित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित रिसॉर्ट प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब अब तहसील में जमा कर दिया गया है।
तहसीलदार आबिद अली के अनुसार, रिसॉर्ट प्रबंधक ने अपने लिखित जवाब में बताया कि गाजियाबाद से आए पर्यटकों को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि चयनित स्थल श्मशान घाट है। इसके बावजूद पर्यटकों ने अपनी इच्छा से उसी स्थान पर फोटोशूट और जयमाला कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। प्रबंधन द्वारा मना किए जाने के बावजूद आयोजन किया गया।
विवाद बढ़ने के बाद वर पक्ष ने भी ई-मेल के माध्यम से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि उनके इस कृत्य से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं। वहीं रिसॉर्ट प्रबंधक राकेश शर्मा ने भी अपनी चूक स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक को सख्त चेतावनी दी है कि बिना अनुमति ऐसे संवेदनशील स्थानों पर किसी भी प्रकार के आयोजन न किए जाएं। साथ ही पर्यटन विभाग को भी पत्र भेजकर भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि सल्ट ब्लॉक के मरचूला क्षेत्र में रामगंगा और बदनगढ़ नदियों के संगम पर स्थित इस श्मशान घाट पर जयमाला कार्यक्रम होने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। लोगों ने इसे धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ बताया। उनका कहना है कि जहां अंतिम संस्कार होते हैं, वहां विवाह जैसे शुभ कार्य करना पूरी तरह अनुचित और परंपराओं के खिलाफ है।
मामले के सामने आते ही जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर रिसॉर्ट प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। अब स्पष्टीकरण मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।