
देहरादून। आगामी मानसून सीजन और चारधाम यात्रा को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सभी विभागों और जिलों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून अवधि बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रहने वाली है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को मानसून शुरू होने से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने और क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए। बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पेयजल लाइनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा गया ताकि बारिश के दौरान बिजली और पानी की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित न हो।
शहरी विकास विभाग, नगर निकायों और जिलाधिकारियों को नालों-नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी हाल में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। साथ ही नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अवरोध हटाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चैनलाइजेशन और नदी मार्ग में जमा आरबीएम हटाने पर विशेष जोर दिया, ताकि कटाव और बाढ़ से आबादी व आधारभूत ढांचे को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती, बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण तथा बाढ़ संभावित इलाकों में नाव और बोट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संसाधनों की कमी नहीं आने देगी, लेकिन सभी विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करना होगा।
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है और मानसून के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।