मुख्यमंत्री धामी बोले- स्वस्थ मिट्टी से ही सुरक्षित होगा किसानों का भविष्य, आय बढ़ाने को सरकार प्रतिबद्ध
अल्मोड़ा, शनिवार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और नकली खादों के बढ़ते उपयोग से कृषि क्षेत्र गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। खेतों की मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर होने से किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप उत्पादन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मिट्टी को स्वस्थ बनाकर कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
मुख्यमंत्री शनिवार को हवालबाग में आयोजित राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ के भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन बताते हुए किसानों से कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
धामी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने, जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए फसलों का चयन भी वैज्ञानिक आधार पर किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले में खेती की सुरक्षा के लिए तारबाड़ योजना के तहत 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराने की घोषणा की। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य बजट में 200 करोड़ रुपये के प्रावधान का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क, सुगंधित फसलों और मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां लागू कर रही है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिला समूहों और बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।
प्रमुख घोषणाएं और बातें
- अल्मोड़ा में तारबाड़ योजना के लिए 6 करोड़ रुपये की घोषणा।
- किसानों की आय बढ़ाने हेतु बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- खेतों को नकली एवं रासायनिक खादों से मुक्त रखने पर जोर।
- मिट्टी परीक्षण और जल संरक्षण को बढ़ावा।
- 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों का प्रोत्साहन।
- पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज और मेगा फूड पार्क योजनाओं पर विशेष ध्यान।
- ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा।

