उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) में भारी वृद्धि की घोषणा की है, जिससे राज्य में लंबे समय से पनप रही औद्योगिक अशांति पूरी तरह टल गई है। सरकार के इस फैसले के बाद उत्तराखंड में श्रमिकों का मानदेय अब पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की तुलना में भी अधिक हो गया है। नई दरों के अनुसार, 1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹13,057, अर्ध-कुशल का ₹13,798 और कुशल श्रमिकों का वेतन ₹14,541 प्रति माह निर्धारित किया गया है, जबकि लिपिकीय वर्ग (Category-I) के लिए यह ₹15,793 तय हुआ है। इस वेतन वृद्धि में ₹518 का परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) भी शामिल है। मुख्यमंत्री धामी के इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों को आर्थिक संबल प्रदान करना और सिडकुल (SIDCUL) जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में शांतिपूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। श्रमिक संगठनों ने सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि यह न केवल उनके जीवन स्तर को सुधारेगा बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।