
गौरीकुंड। केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड में इन दिनों गंदगी और जल निकासी की अव्यवस्था ने तीर्थ यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। पुलिस चौकी के नीचे बने अस्थाई डेरों और आवासों से निकलने वाला गंदा पानी व कचरा पैदल मार्ग पर बहता हुआ गौरी माता मंदिर तक पहुंच रहा है। इससे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार दीपक लॉज के पीछे से बह रही गंदगी सीधे सुलभ शौचालय तक पहुंच रही है, जिसके बाद यह मुख्य मार्ग से होते हुए मंदिर परिसर तक फैल रही है। यात्रा सीजन में हजारों श्रद्धालु इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण उन्हें दुर्गंध और गंदगी के बीच यात्रा करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के व्यापारी मायाराम गोस्वामी ने बताया कि अस्थाई आवासों में पानी निकासी और गंदगी निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। यही कारण है कि गंदा पानी पैदल मार्ग पर बह रहा है। उन्होंने कहा कि इससे होटल और लॉज संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि तीर्थ यात्री यहां ठहरने से बच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
वहीं, जल निगम के अधिशासी अभियंता नवल कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की पेयजल लाइन पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त नहीं है। उनके अनुसार समस्या का मुख्य कारण अस्थाई डेरों से निकलने वाले पानी की निकासी व्यवस्था का अभाव है।
इधर, सुलभ इंटरनेशनल के यात्रा प्रभारी धनंजय पाठक ने बताया कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अस्थाई डेरों के संचालकों को गंदगी एकत्रित कर उचित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
केदारनाथ यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान गौरीकुंड में फैली गंदगी ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा मार्ग मिल सके।