स्याल्दे (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के राजकीय आदर्श उच्चतर प्राथमिक विद्यालय, वल्मरा-तामाढौन में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वर्ष 2015 में मॉडल आदर्श विद्यालय का दर्जा मिलने के बावजूद आज भी विद्यालय केवल तीन शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहा है।
विद्यालय में वर्तमान में 34 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां प्रधानाध्यापक और अंग्रेजी विषय के शिक्षक के पद लंबे समय से रिक्त हैं। पर्याप्त शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय में आज तक कक्षा 9 और 10 का संचालन शुरू नहीं हो सका।
विद्यालय का भवन जर्जर अवस्था में है। यहां न पुस्तकालय है, न कंप्यूटर कक्ष और न ही खेल मैदान की सुविधा उपलब्ध है। सुरक्षा दीवार के स्थान पर पुराने टीन लगाए गए हैं, जिनसे कई छात्र चोटिल भी हो चुके हैं। अभिभावकों ने विद्यालय भवन को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की मांग उठाई है।
हाल ही में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान हरी दत्त बेलवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य तारा दत्त बहुगुणा, प्रकाश मनराल, भूपाल सिंह, नीमा तिवारी, शिक्षक प्रताप सिंह माहवड़ी, शिवदत्त बेलवाल, मनोज शर्मा सहित अनेक अभिभावक मौजूद रहे। सभी ने विद्यालय की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए शीघ्र सुधार की मांग की।
विद्यालय के पूर्व प्रबंधक रामदत्त बेलवाल ने बताया कि वर्ष 1979 में जनसहयोग और चंदे से विद्यालय की स्थापना की गई थी। उस समय यहां करीब 200 छात्र पढ़ते थे और 1984 से 1987 तक कक्षा 9 और 10 का भी संचालन हुआ। वित्तीय मान्यता न मिलने के कारण उच्च कक्षाएं बंद करनी पड़ीं। वर्ष 2014 में विद्यालय का प्रांतीयकरण हुआ और 2015 में इसे मॉडल आदर्श विद्यालय बनाया गया, लेकिन आज यह अव्यवस्थाओं का शिकार है।
सहायक खंड शिक्षा अधिकारी स्याल्दे प्रज्ञा नंद पलिहा ने बताया कि शिक्षकों की कमी के संबंध में प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा गया है। अन्य समस्याओं का भी आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है और जल्द आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।