अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र में नशे की लत का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। बग्वालीपोखर निवासी एक बुजुर्ग दंपति अपने ही बेटे की नशे की आदत से इतने परेशान हो गए कि उन्हें पुलिस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस की पहल पर युवक की काउंसलिंग कराकर उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
- बग्वालीपोखर निवासी गणेश दत्त ने डायल-112 पर सूचना दी कि उनका बेटा नशे का आदी है।
- शिकायत में बताया गया कि बेटा आए दिन घर में झगड़ा, मारपीट और विवाद करता है।
- सूचना मिलने पर द्वाराहाट पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
- जांच में पता चला कि 34 वर्षीय प्रमोद भट्ट लंबे समय से नशे की लत से ग्रसित है।
- बेटे की हरकतों से उसके वृद्ध माता-पिता मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान थे।
पुलिस ने उठाया मानवीय कदम
- प्रभारी निरीक्षक विनोद जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने युवक और उसके परिजनों की काउंसलिंग कराई।
- युवक को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
- परिवार के साथ समन्वय बनाकर उसे सामान्य जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया गया।
- इसके बाद प्रमोद भट्ट को उपचार के लिए बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया।
बुजुर्ग माता-पिता ने जताया आभार
पुलिस की तत्परता और सहयोग से राहत महसूस कर रहे बुजुर्ग माता-पिता ने अल्मोड़ा पुलिस का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि बेटे के नशे की लत ने परिवार की खुशियां छीन ली थीं, लेकिन अब उन्हें उसके सुधार की उम्मीद जगी है।
बढ़ती चिंता: पहाड़ में नशे का फैलता जाल
यह घटना एक बार फिर पहाड़ों में बढ़ती नशे की समस्या की गंभीरता को उजागर करती है। जिस उम्र में बेटे को अपने माता-पिता का सहारा बनना चाहिए, उसी उम्र में नशे की गिरफ्त में आकर वह परिवार के लिए परेशानी का कारण बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते उपचार और पारिवारिक सहयोग से नशे की लत से बाहर निकला जा सकता है।
