
देहरादून के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान पित्थूवाला में परीक्षा के दौरान नकल प्रकरण ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। बेटे के नकल करते पकड़े जाने से नाराज एक सब इंस्पेक्टर पर कॉलेज में घुसकर शिक्षकों के साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
▶ परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया छात्र
- 4 जून को राजकीय पॉलिटेक्निक पित्थूवाला में सिविल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष की परीक्षा चल रही थी।
- परीक्षा के दौरान पुलिस दूरसंचार शाखा में तैनात उपनिरीक्षक महेश कंडवाल के बेटे कबीर कंडवाल को कथित रूप से नकल करते हुए पकड़ा गया।
- फ्लाइंग स्क्वॉड और परीक्षा नियंत्रक समिति ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की।
- पूरी घटना कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई।
▶ अगले दिन कॉलेज पहुंचा दरोगा, शिक्षकों से मारपीट का आरोप
- आरोप है कि 5 जून को महेश कंडवाल अपने साले और एक महिला के साथ कॉलेज पहुंचे।
- उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की।
- ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
- घटना से कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
▶ दरोगा ने भी दर्ज कराया मुकदमा
- 6 जून को महेश कंडवाल ने कोतवाली पटेलनगर में शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
- उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को शिक्षकों ने पीटा, बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी।
- साथ ही शिक्षकों पर अन्य छात्रों को नकल कराने का भी आरोप लगाया।
▶ प्रधानाचार्य ने दर्ज कराई जवाबी एफआईआर
- संस्थान के प्रधानाचार्य अवनीश जैन ने महेश कंडवाल और उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
- शिकायत में कॉलेज परिसर में घुसकर मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों को बंधक बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
SSP का बड़ा एक्शन
मामले के सामने आने के बाद देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने सख्त रुख अपनाया।
एसएसपी ने कहा कि पुलिसकर्मी द्वारा अनुशासनहीनता और पद की गरिमा के विपरीत आचरण करने पर उपनिरीक्षक महेश कंडवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
जांच जारी
- पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
- सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
- जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।