ऐरोली का ऐलान: “सड़क नहीं तो वोट नहीं”, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप

रानीखेत। सड़क सुविधा के अभाव से वर्षों से जूझ रहे रानीखेत के निकटवर्ती ऐरोली गांव के ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि चुनाव से पहले गांव के लिए सड़क निर्माण को स्वीकृति नहीं मिली, तो पूरा गांव मतदान नहीं करेगा।

सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे और संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद उनका गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। सड़क नहीं होने के कारण सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन परिस्थितियों में होती है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे मुख्य सड़क या अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे कई बार मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। शासन और प्रशासन के उदासीन रवैये से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी अल्मोड़ा, मुख्य विकास अधिकारी, प्रांतीय वनाधिकारी तथा ग्रामीण निर्माण विभाग भिकियासैंण के मुख्य अभियंता को भी भेजी है, ताकि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करें।

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से “रोड नहीं तो वोट नहीं” का संकल्प दोहराते हुए कहा कि यदि इस बार भी उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं हुई, तो गांव का कोई भी मतदाता मतदान केंद्र नहीं जाएगा।

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