जेल में बंदियों को बताए गए कानूनी अधिकार, मुफ्त वकील और पैरोल की पूरी जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा की ओर से बुधवार को जिला कारागार में जेल समीक्षा दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन तथा जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनामिका सिंह ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, पैरोल, फरलो, प्ली बार्गेनिंग तथा भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली के महत्वपूर्ण प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि जिन बंदियों के पास अपने मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं है, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त में अधिवक्ता की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सचिव ने बंदियों की समस्याएं भी सुनीं और आवश्यकतानुसार उन्हें विधिक परामर्श प्रदान किया। इसके बाद उन्होंने जिला कारागार की बैरकों, रसोईघर, खाद्य सामग्री तथा चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही कारागार परिसर और बंदी-परिजन मुलाकात क्षेत्र में संचालित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया।

शिविर में रिटेनर अधिवक्ता तुलसी जौहरी, अधिकार मित्र नीता नेगी, कड़ाकोटी तथा जेल अधिकार मित्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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