
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सिंचाई और कृषि विभाग में चयनित 483 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 473 पद सिंचाई विभाग और 10 पद कृषि विभाग के हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे उत्तराखंड का सपना देखा था, जहाँ युवाओं की पहचान उनकी मेहनत और प्रतिभा से हो। उन्होंने कहा कि आज दिए जा रहे नियुक्ति पत्र इसी संकल्प को साकार करने का प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने चयनित युवाओं से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव से अपने दायित्व निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी होती है।
सीएम धामी ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से ही योग्य और ईमानदार लोग व्यवस्था में आते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। अब सरकारी नौकरियों में चयन केवल मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार ने करीब 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने इसे उत्तराखंड की नई कार्यसंस्कृति बताया।
राज्य के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और बेरोजगारी दर में भी रिकॉर्ड गिरावट आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पहाड़ का युवा पलायन नहीं, बल्कि अपने प्रदेश में संभावनाएं देख रहा है और रिवर्स पलायन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।