स्वामी विवेकानन्द की तपोस्थली काकड़ीघाट पहुंचे राज्यपाल, ज्ञानवृक्ष पर जलाभिषेक कर लिया आशीर्वाद

                                                                 

अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने गुरुवार को जनपद अल्मोड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व के काकड़ीघाट पहुंचकर ज्ञानवृक्ष (पीपल) पर जलाभिषेक किया तथा विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कर्कटेश्वर मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने काकड़ीघाट को अद्भुत ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण स्थल बताते हुए कहा कि यहां आकर आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यह वही पावन स्थान है जहां महान चिंतक और युवा प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानन्द ने ध्यान साधना की थी। ऐसे ऐतिहासिक स्थल देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।

राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक स्थान की अपनी विशिष्ट पहचान और सांस्कृतिक महत्ता होती है, लेकिन स्वामी विवेकानन्द की साधना स्थली होने के कारण काकड़ीघाट का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है।

ज्ञानवृक्ष के संरक्षण और पुनर्जीवन के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि जिस वृक्ष के नीचे स्वामी विवेकानन्द ने ध्यान लगाया था, उसे वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और आध्यात्मिक चेतना का स्रोत बना रहेगा।

राज्यपाल के इस दौरे ने काकड़ीघाट की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया है।

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