2 जुलाई को अल्मोड़ा में ‘आपदा का रिहर्सल’! 6 जगह बनेंगे भूस्खलन, बादल फटना और बस हादसे जैसे हालात

अल्मोड़ा। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों को परखने के लिए 2 जुलाई 2026 को जनपद के छह स्थानों पर मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान भूस्खलन, बादल फटना, बस दुर्घटना और भीड़ प्रबंधन जैसी आपदा परिस्थितियों का वास्तविक अभ्यास किया जाएगा।

मॉक ड्रिल की तैयारियों के तहत बुधवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों ने संभावित आपदा परिदृश्यों के अनुरूप अपनी-अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं और राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति पर चर्चा की।

जिलाधिकारी ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन, संसाधनों के उपयोग, विभिन्न विभागों के समन्वय और रिस्पांस टाइम का व्यावहारिक परीक्षण करना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह समझते हुए बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

इन छह स्थानों पर होगा आपदा का अभ्यास

  • इंदिरा बस्ती, रानीखेत – भूस्खलन
  • सलना गांव, द्वाराहाट – बादल फटना
  • सल्ट – बस दुर्घटना
  • कनरा गांव, लमगड़ा – बादल फटना
  • जागेश्वर – भीड़ प्रबंधन
  • क्वारब – भूस्खलन

इन सभी स्थानों पर अलग-अलग आपदा परिदृश्य तैयार कर संबंधित एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास करेंगी।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित आर्मी, आईटीबीपी, एसएसबी, एसडीआरएफ, अग्निशमन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि इस मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन प्रणाली की वास्तविक क्षमता का आकलन होगा और भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां और मजबूत होंगी।

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