
अल्मोड़ा। फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से लोन लेने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह रही कि जिसने खुद शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरे फर्जीवाड़े का हिस्सा निकला। पुलिस ने वादी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले के अनुसार, सोमेश्वर निवासी दिनेश नेगी ने 19 सितंबर 2025 को कोतवाली अल्मोड़ा में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी फर्म जय गोलू ट्रेडर्स के नाम पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अल्मोड़ा का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर यूनियन बैंक की अल्मोड़ा शाखा से ऋण लिया गया। साथ ही बैंक में फर्म के नाम से फर्जी कोटेशन, बिल और प्रमाणपत्र भी जमा किए गए थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत धीरेन्द्र सिंह गैलाकोटी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले की जांच कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय के निर्देशन में धारानौला चौकी प्रभारी आनंद बल्लभ कश्मीरा द्वारा की गई।
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य मिले। विवेचना में सामने आया कि मुकदमा दर्ज कराने वाला दिनेश नेगी भी इस साजिश में शामिल था। इसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 61(2), 336, 338 और 340 बीएनएस की बढ़ोतरी की।
पुलिस टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए वादी दिनेश नेगी, नामजद आरोपी धीरेन्द्र सिंह गैलाकोटी और सुनील सिंह करायत को अल्मोड़ा से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में
- दिनेश नेगी निवासी भंडारी गांव, जैंचोली, थाना सोमेश्वर
- सुनील सिंह करायत निवासी ग्राम बग्वालीपोखर, कोतवाली द्वाराहाट
- धीरेन्द्र सिंह गैलाकोटी निवासी लोअर माल रोड, अल्मोड़ा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक को गुमराह किया और ऋण हासिल करने की कोशिश की। मामले में आगे की जांच जारी है।