
बागेश्वर जिले में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं ने अब विकराल रूप ले लिया है। दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग ने एक पोकलैंड मशीन को पूरी तरह राख कर दिया। इस घटना से मशीन स्वामी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं जिलेभर में जंगलों की आग से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बैकोड़ी निवासी धन सिंह बाफिला की पोकलैंड मशीन कमला बाफिला सोप स्टोन माइन टोटीगाड़ में खड़ी थी। माइन चारों ओर से जंगलों से घिरी हुई है। इन दिनों क्षेत्र के जंगलों में लगातार आग लगी हुई है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर मशीन को अपनी चपेट में ले लिया और पूरी मशीन जलकर राख हो गई। पीड़ित ने पुलिस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
इधर जिले के कई जंगल लगातार आग की चपेट में आ रहे हैं। मल्ला मनकोट, छाती, कौसानी और रवाईखाल के जंगलों में लगी आग ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगह आग रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा।
रविवार रात मल्ला मनकोट क्षेत्र में जंगल की आग एक महिला के घर तक पहुंच गई। महिला ने साहस दिखाते हुए खुद आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में स्थानीय ग्रामीण जय प्रकाश गाड़िया और इंद्र बोरा ने मिलकर आग पर काबू पाया।
वहीं छाती के जंगलों में वन विभाग की टीम ने आग बुझाई। कौसानी के सीमा गांव में भीषण आग फैलने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की फायर यूनिट गरुड़ मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। आग की लपटें चाय बागानों तक पहुंच गई थीं, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो गया था।
इसके अलावा उत्तराखंड अग्निशमन विभाग की बागेश्वर फायर स्टेशन टीम ने रवाईखाल के जंगलों में लगी आग पर काबू पाया।
लगातार बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं से वातावरण में धुआं फैल गया है। लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और वन विभाग लगातार आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन तेज गर्मी और सूखे मौसम के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।