
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने अपने अल्मोड़ा प्रवास के दौरान जनपद के जिलाधिकारी अंशुल सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने जिलाधिकारी अंशुल सिंह की कार्यशैली, प्रतिबद्धता और प्रशासनिक दक्षता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासन उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। राज्यपाल ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी और उनके सफल संचालन को जनहित में महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने विशेष रूप से अल्मोड़ा में संचालित नशा मुक्ति केंद्र की प्रशंसा करते हुए इसे समाज को नशे की बुराई से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहते हुए लोक भवन की ओर से नशा मुक्ति केंद्र को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के के नेतृत्व में पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों और बेहतर पुलिसिंग की भी राज्यपाल ने सराहना की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में पुलिस विभाग प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
राज्यपाल ने एसएसपी चंद्रशेखर आर. घोड़के को भी प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया और उनके नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग की उपलब्धियों को राज्यपाल ने जनपद के विकास और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।