रानीखेत (अल्मोड़ा)। क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी सौगात देते हुए उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना कर दी गई है। विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने सोमवार को यूनिट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा क्षेत्र के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी और अस्पताल की उपचार क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगी।
विधायक ने बताया कि ब्लड सेपरेशन यूनिट के माध्यम से अब एक यूनिट रक्त को अलग-अलग घटकों में विभाजित कर तीन मरीजों के उपचार में उपयोग किया जा सकेगा। इससे जरूरतमंद मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रक्त घटक उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यूनिट शुरू होने से प्लेटलेट्स की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे डेंगू जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी अधिक प्रभावी और मजबूत होंगी।
इस अवसर पर विधायक ने अस्पताल परिसर में संपर्क मार्ग, क्षतिग्रस्त चहारदीवारी तथा सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। रानीखेत अस्पताल में नई सुविधाओं के जुड़ने से पूरे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. आर.के. वर्मा, छावनी सभासद मोहन नेगी, गिरीश भगत, रमेश खनायत, ललित मेहरा, उमेश पंत, मंजीत भगत, चंद्रशेखर, कमला तिवारी, मुकेश पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ब्लड सेपरेशन यूनिट के प्रमुख फायदे
- एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों का उपचार संभव
- प्लेटलेट्स की उपलब्धता में वृद्धि
- डेंगू मरीजों को त्वरित राहत
- जरूरत के अनुसार रक्त घटक उपलब्ध
- आपातकालीन उपचार व्यवस्था होगी अधिक मजबूत