सांख्यिकी दिवस पर गूंजा महालनोबिस का संदेश, बोले अधिकारी—सटीक आंकड़े ही विकास की असली ताकत

विकास भवन स्थित जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में सोमवार को देश के महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 133वीं जयंती के अवसर पर 20वां सांख्यिकी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी ने कहा कि प्रो. महालनोबिस का आर्थिक विकास और सांख्यिकी के क्षेत्र में दिया गया योगदान आज भी बेहद प्रासंगिक है। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सर्वेक्षणों और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सटीक आंकड़ों की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अपर सांख्यिकीय अधिकारी कोमल साह ने प्रो. महालनोबिस के जीवन, व्यक्तित्व और सांख्यिकी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी दी।

कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा इस वर्ष निर्धारित सांख्यिकी दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा नियमित कार्यों के दौरान एकत्र किया जाने वाला प्रशासनिक डेटा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और देश की वास्तविक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों में सांख्यिकी की उपयोगिता, योजनाओं के मूल्यांकन में आंकड़ों के महत्व तथा विभाग द्वारा संचालित सर्वेक्षणों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

रेणु भंडारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सांख्यिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक सर्वेक्षण में आंकड़ों की शुद्धता, गुणवत्ता और तथ्यात्मकता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी सचिन कुमार, प्रशासनिक अधिकारी खीमपाल सिंह चम्याल, वरिष्ठ सहायक कुलसुम परवीन सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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