
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने शोध और शैक्षिक गतिविधियों को नई दिशा देने की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। शनिवार को विश्वविद्यालय ने पीडब्ल्यूसी एग्रोटेक एलएलपी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस करार के तहत दोनों संस्थान शोध, वैज्ञानिक जानकारी और शैक्षिक संसाधनों का आदान-प्रदान करेंगे।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और एग्रोटेक के निदेशक भुवन चंद्र बेलवाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति प्रो. बिष्ट ने कहा कि इस समझौते से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को कार्बन पृथक्करण, जैव-उर्वरक, अपशिष्ट जल उपचार, जैव-ईंधन और पर्यावरणीय समस्याओं पर शोध करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही अकादमिक और वैज्ञानिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
वानिकी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार यादव ने बताया कि दोनों संस्थान अब संयुक्त रूप से सम्मेलन, सेमिनार, संगोष्ठियां, व्याख्यान और क्षेत्रीय शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन करेंगे। इससे वानिकी, पारिस्थितिकी, पर्यावरण और जैव विविधता के क्षेत्र में संयुक्त शोध और प्रकाशनों को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में एग्रोटेक की ओर से दिव्या बेलवाल तथा विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आरसी मौर्य, डॉ. ललित चंद्र जोशी और डॉ. अरुण कलखुंडिया मौजूद रहे।
गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय ने आईएफपी के साथ भी अनुसंधान और वैज्ञानिक आदान-प्रदान को लेकर समझौता किया था, जिससे विश्वविद्यालय लगातार शोध और नवाचार के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।