
अल्मोड़ा। मानसून सीजन को देखते हुए जनपद प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आपदा प्रबंधन एवं मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनपद में की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण, कंट्रोल रूम की स्थापना, विभागीय नोडल अधिकारियों की तैनाती, जेसीबी-डोजर की व्यवस्था, खाद्यान्न एवं दवाओं का अग्रिम भंडारण तथा वैकल्पिक मार्गों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
प्रभारी सचिव डॉ. पांडे ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मानसून स्वयं आपदा नहीं है, बल्कि इसके दौरान होने वाले भूस्खलन, बाढ़ और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियां चुनौती बनती हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन त्वरित प्रतिक्रिया और राहत पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पूर्ति, विद्युत, जल संस्थान और सिंचाई विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोला जाए, अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहें और नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए। संवेदनशील गांवों में चेतावनी तंत्र भी सक्रिय रखने को कहा गया।
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने अधिकारियों से सुझाव भी लिए और क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर पर समाधान योग्य समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने नियमित मॉकड्रिल कराने, संचार व्यवस्था मजबूत रखने तथा वायरलेस सेट और सैटेलाइट फोन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश पुरोहित, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।